Friday, April 16, 2010

कामनवेल्थ गेम्स २०१० भारत की प्रतिष्ठा दांव पर

वर्ष 2008 में चीन ने बीजिंग ओलंपिक का जब शानदार तरीके से प्रदर्शन किया तो समूची दुनिया ने दाँतों तले उंगली काट लीयह सबको मालूम था की चीन दुनिया की एक उभरती हुयी आर्थिक एवं सैन्य महाशक्ति है ठीक उसी के तर्ज पर आर्थिक विकास कर रह एक दूसरा विकासशील देश भारत की प्रतिष्ठा अगले साल नयी दिल्ली में होने वाले कामनवेल्थ गेम्स के आयोजन पर टिकी हुयी हैलाख टेक का सवाल यह है की दुनिया के सबसे बड़े खेल समारोह ओलम्पिक का सफलतापूर्वककर आयोजन चीन
ने जहाँ दुनिया के सामने अपनी प्रभुता साबित कर दी तो क्या भारतवर्ष भी 2010 कामनवेल्थ गेम्स खेल का सफलता पूर्वक आयोजन कर पायेगा..?जाहिर है कामनवेल्थ गेम्स ओलम्पिक की तुलना में एक छोटा खेल समारोह है परन्तु भारत सरकार और इसकी अर्थव्यवस्था की ताकत कॉमन वेल्थ गेम के आयोजन की अग्नि परीक्षा से गुजरेगीकॉमनवेल्थ के आयोजन में अब कुछ ही महीने बाकी है परन्तु इस खेल से जुडी तमाम परियोजनाए लेट लतीफी का शिकार बताई जा रही है स्टेडियम , प्लयेर्स हॉस्टल तथा इसकी बुनियादी सुबिधाओ को लेकर कई सवालिया निशान खड़े है तो दूसरी तरफ समूचे खेल के दौरान सुरक्षा को लेकर तमाम देश अपनी चिंता जाहिर कर रहे हैऐसे में भारत सरकार खासतौर पर दिल्ली सरकार जो समूची दिल्ली के बुनयादी ढांचे का नक्शा बदलने की तयारी में है,को आयोजन को लेकर कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा हैराष्ट्रमंडल खेल 2010के आयोजन की चुनौती अब और ज्यादा बढ़ गयी है क्योको के भारत के समकक्ष मन जाने वाला देश ब्राजील को 2016के ओलम्पिक आयोजन का स्थल चुन लिया गया है ऐसे में भविष्य में भारत भी ओलम्पिक खेलो के आयोजन की दावेदारी करे उसके लिए अब बेहद जरूरी हो गया है की वह 2010के राष्ट्रमंडल खेलो का अभूतपूर्व एवं भब्य तरीके से आयोजन कर दुनिया के सामने अपना दावा मजबूत करे
इसमे कोई दो राय नहीं की दिल्ली में आगामी खेलो के मद्देनज़र शहरी सुबिधाओ के विकास का एक महत्वाकांक्षी खाका तैयार किया गया हैयही वजह है की पिछले पांच सात सालो के दौरान राजधानी में नए फ्लाई ओवरों का निर्माण ,सडको का चौडीकरण ,नए अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण और सबसे महत्वपूर्ण मेट्रो नेटवर्क के निर्माण में सराहनीय प्रगति हुयी है मेट्रो रेलवे नेटवर्क ने दो चरणों में अपनी परियोजनाए करीब करीब पूरी कर ली है पर प्रमुख समस्या आयोजन स्थल मसलन नए स्टेडियम का निर्माण एवम आधुनिकतम खेल उपकरणों के संस्थापन को लेकर उठी है ..लगाती है दिल्ली सरकार इसको लेकर देर से जगी है केंद्रीय खेल मंत्री एम्.एस .गिल और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित दोनों अभी घबराये हुए और नर्वस दिखाई दे रहे हैअलबत्ता भारतीय खिलाडी संघ के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी खेलो की राजनीती में अपनी ताल थिकते नहीं अघा रहे हैसनद रहे की दिल्ली में होने वाला यह राष्ट्र मंडल खेल 19वां राष्ट्रमंडल खेल है और इस नाम से होने वाला यह 9वां आयोजन hai 3 से 14 अक्तूबर तक होने वाले एस आयोजन में बहुत सारे खे समारोह आयोजित किये जायेंगेइसके पहले इतने सारे खेल आयोजन 1951 और 1982 में आयोजित एशियाई खेलो के दौरान हुए थे


एक गावं -खेलगावं
अक्टूबर में शुरू होने वाले राष्ट्रमंडल खेल के दौरान 71 देशो के लगभग 8000खिलाडी और अधिकारी भारत में शिरकत कर रहे हैउनको ठहराने के लिए यमुना नदी के तट एवं अक्षरधाम मंदिर के पीछे खेलगावं का निर्माण ददा द्द्वारा कराया जा रहा हैमालूम हो की खेल्गावं के निर्माण के लिए 14कम्पनियों ने आवेदन किया था लकिन इसका जिम्मा एम आर एमसीएफ कंस्ट्रसन के जिम्मे आया| 27.17 एकड़ के कुल क्षेत्रफल में तैयार ही रहे इस खेलगावं में 1168फ्लैट्स का निर्माण कार्य प्रगति पर हैजिनमे से २ से लेकर 5 कमरों का फ़्लैट तैयार किया जा रहा हैइन फ्लैटों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का इंटीरियर ,हेल्थ क्लब ,कम्युनिटी सेंटर ,क्लब हॉउस व बुजुर्गो के लिए रिक्रिएशन सेंटर सहित के चीजे मौजूद होंगी इस निर्माण स्थल को कई बुरे दौर से गुजरना पड़ा है पहले यह लेटलतीफी का शिकार हुआ तो फिर पर्यावारद्विदों ने इस निर्माण स्थल को लेकर यमुना नदी के अस्तित्वा पर खतरा बताया इस खतरे के अंदेशे को लेकर इन्होने ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा तक खटखटाया था मगर अंततः सुप्रीम कोर्ट ने इसे हरी झंडी दे दीपहले यह स्थल सितम्बर २००9 तक पूरा होना था लकिन धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य ने पहले इसे 2009तक बढ़ाया और 2010तक

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